कृषि बिल तो एक बहाना है, अकाली दल के एनपीए छोड़ने का यह असली कारण है

कृषि बिल Farm BiLL 2020 को राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, अब कृषि बिल बन गए कानून – Kisan Samadhan Krishi vibhag || Modi News || Kisan yojana || 

शिरोमणि अकाली दल ‘शीअड’ की नाराजगी भाजपा से सिर्फ किसानों के मुद्दे पर ही नहीं थी बल्कि वही आरसी से केंद्र सरकार ने अपनी उपेक्षा से नाराज था। यदि पिछले एक-दो साल की राजनीतिक घटनाक्रम पर बात की जाए तो करीब हम आधा दर्जन ऐसे मौके आए जब सियाज को अपने बड़े सहयोगी से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा था। यह भी कहा जा रहा था कि शिअद की सुनवाई नहीं होने वाली है। हां, किसानों से संबंधित मौजूदा कानूनों को लेकर अकाली दल को राज्य से अलग होने का निर्णय फैसला लेने का विवाद या होना पड़ा।

इसी महीने के अंदर सरकार ने कश्मीरी टेकरी तथा हिंदी की कश्मीरी की आधिकारिक भाषाओं में शामिल किए गए अकाली दल चाहता था कि इस पंजाबी को शामिल किया ( krishi Bill  ) जाए कश्मीरी में कश्मीरी में पंजाबी बोलने वाले ज्यादातर लोग हैं तथा यह राज्य की पुरानी भाषा है। बादल ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ( Modi News ) के द्वारा ( Krishi vibhag )  और अमित शाह को भी लिखा लेकिन सुनवाई नहीं हुआ। वरिष्ठ नेता नरेश गुर्जर लाल कहते कि यह छोटी सी बात थी। तर्कसंगत अनुपात थी। लेकिन सरकार अभी तक नहीं माना।

Krishi vibhag , Modi News , Kisan yojana

यह भी पढ़ें: Pm Kisan Samman Nidhi Yojana – किसान भाइयों को अब हर साल मिलेगा पूरे ₹10000′ ऐसे उठाई लाभ

पिछले साल संसद के मानसून सत्र में सरकार ने अकाली दल से विरोध के बावजूद अंतर राज्य और नदी जल विवाद ’संशोधन’ विधायक को लोकसभा से पारित कर लिया गया। इसमें ( Krishi vibhag ) जल विवादों का तय समय के भीतर निपटाने का प्रधान है। अकाली दल को लगता है कि इसके पंजाब के हिस्से का पानी अन्य राज्य को जा सकता है ऐसे ले विधायक अभी राज्यसभा को दूसरे कारण से लंबित कर रहे हैं।

नाराजगी का तीसरा कारण हरियाणा में शिअद की एक मात्रा एमएलए का भाजपा में शामिल होने हैं नाराजगी का तीसरा कारण हरियाणा में शिअद की एक मात्रा एमएलए का भाजपा में शामिल होना है। सिएट ने ( Modi News ) कहा कि भाजपा के संगठन की मर्यादा का उल्लंघन किया जा रहा है कृषि बिल

बादल की सलाह नहीं ली गई।
लोकसभा चुनाव के दौरान अकाली दल चाहता था कि अमृतसर और होशियारपुर सीट भाजपा उसे दे दे और बदले में लुधियाना और जालंधर ले ले लेकिन भाजपा सरकार ने साफ ( krishi Bill  ) इंकार कर दिया। अकाली दल की यह शिकायत थी कि देश में सबसे बड़े किसान नेता प्रकाश सिंह बादल है लेकिन किसानों के मुद्दे पर कभी उनकी सलाह नहीं ली जा रही थी।

यह भी पढ़ें: Pm Kisan Yojana, पीएम किसान की छठी किस्त जारी | लेकिन इन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ, इस लिस्ट में चेक करें अपना नाम।

दीअद नेताओं की कोई बैठक नहीं हुई

d.Ed नेताओं की शिकायत किया है कि वे एनडीए के पुरानी सहयोगी है लेकिन हाल ही में वर्षों में अहमद मुद्दों पर विचार विमर्श के लिए कोई बैठक नहीं की गई। संसद सत्र के दौरान जरूर एनटीएस की बैठक होती है लेकिन वह सिर्फ सत्र की राजनीति को लेकर होती है।

नोट: – दोस्तों अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आता है तो अपने दोस्तों में जरूरी से शेयर करें फेसबुक व्हाट्सएप इंस्टाग्राम जैसी सोशल नेटवर्किंग भी से शेयर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसके बारे में जाने और समझे धन्यवाद।

Leave a Comment